
(पंजाब) फिरोजपुर 27 जून [कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता]=
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के सामाजिक प्रोजेक्ट 'संतुलन' द्वारा 'महिला सशक्तिकरण और लिंग समानता' प्रकल्प के अंतर्गत 'तू है शक्ति' (अभियान 2.0) 21 सदी की वैदिक नारी के निर्माण हेतु कार्यक्रम का आयोजन 'कच्चा टोटा बस्ती' 'फिरोजपुर कैंट' में किया गया। जिसमें संस्थान के संस्थापक और संचालक 'श्री आशुतोष महाराज' जी की शिष्या साध्वी करमाली भारतीय जी ने कहा कि वैदिक समय की भारतीय नारी सदा से ही शक्ति से युक्त रही है। इसलिए इसकी धूमिल होती छवि को सशक्त करने के लिए संस्था ने बीड़ा उठाया है। आजकल समाज में तनाव, अज्ञानता, असंतुलन ,अविश्वास और अनैतिकता बढ़ती ही जा रही है ।समाज में सकारात्मक परिवर्तन और उज्जवल भविष्य की ओर ले जाने के लिए नारी को ही आगे आना होगा ,जिसे समाज की आधी आबादी कहा जाता है।
आज की नारी स्वतंत्र आवश्य है अपने विचार, निर्णय और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के लिए लेकिन इसके साथ-साथ अपने कर्तव्यों संस्कारों और नैतिक मूल्यों के प्रति भी सजग रहना चाहिए। नारी यदि शिक्षा और अध्यात्म दोनों में संपन्न हो जाए तो वह परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बाहरी जगत की शिक्षा विद्यालय में जाकर शिक्षकों से मिलती है लेकिन आध्यात्मिक जगत की प्राप्ति पूर्ण सतगुरु से मिलती है जो हमारे घट में प्रभु के प्रकाश रूप में साक्षात्कार करवाते हैं, जब ऐसे तब से पोषित श्रम का नारी समाज को अमृत पिलाएगी तो फिर संधिकाल की ब्रह्मबेला में नारी सतयुग लाएगी।


