विद्यार्थियों के समग्र विकास में योग बहुत महत्वपूर्ण है : डा. श्रीप्रकाश मिश्र

वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक

अंतराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मातृभूमि शिक्षा मंदिर द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यार्थियों के समग्र विकास में योग विषय पर व्याख्यान आयोजित।

कुरुक्षेत्र 22 जून : योग स्वस्थ जीवन जीने की एक कला और विज्ञान है। यह एक अत्यंत सूक्ष्म विज्ञान पर आधारित आध्यात्मिक अनुशासन है, जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य लाने पर केंद्रित है। योग का समग्र दृष्टिकोण जीवन के सभी क्षेत्रों में सामंजस्य लाता है। योग विभिन्न रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और कई जीवनशैली से संबंधित विकारों के प्रबंधन के लिए भी जाना जाता है। 11वें अंतराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मातृभूमि शिक्षा मंदिर द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यार्थियों के समग्र विकास में योग विषय पर आयोजित योग व्याख्यान में यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डा. श्रीप्रकाश मिश्र ने व्यक्त किये। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यर्थियों द्वारा योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों ने इस अवसर बहुत ही उत्कृष्ट विभिन्न योग एवं आसन की प्रस्तुति दी। विद्यर्थियों ने निरंतर योगभ्यास करने से होने वाले लाभ पर अपने अनुभव भी सुनाये।
मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डा. श्रीप्रकाश मिश्र ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा विद्यार्थियों के समग्र विकास में योग बहुत महत्वपूर्ण है। योग शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से छात्रों के विकास में मदद करता है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करता है, बल्कि एकाग्रता, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक संतुलन में भी सहायता करता है, जो शैक्षणिक सफलता के लिए आवश्यक हैं।योग का एकमात्र उद्देश्य आत्मा-परमात्मा से मिलन द्वारा समाधि की अवस्था को प्राप्त करना है। योग के अंतर्गत यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि को साधक चरणबद्ध तरीके से पार करता हुआ केवल को प्राप्त करता है। योग विद्या व्यक्ति में पारिवारिक मूल्यों एवं मान्यताओं को भी जागृत करती है। योग के अभ्यास से व्यक्ति में प्रेम, आत्मीयता एवं सदाचार जैसे गुणों का विकास होता है।
डा. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा योग छात्रों को सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और जीवन के प्रति अधिक आशावादी दृष्टिकोण रखने में मदद करता है। योग वास्तव में एक वैज्ञानिक जीवन शैली है जिसका हमारे जीवन के प्रत्येक पक्ष पर गहराई से प्रभाव पड़ता है। योग एक सुव्यवस्थित वैज्ञानिक जीवन शैली के रूप में प्रमाणित हो चुका है। योग और ध्यान दोनों मिलकर छात्रों के समग्र विकास में सहायक होते हैं, क्योंकि दोनों ही गतिविधियाँ छात्रों में एकाग्रता और मानसिक शांति को सीधे बढ़ावा देती हैं।योग बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करता है। योग शारीरिक स्तर पर शक्ति, सहनशक्ति, धीरज और उच्च ऊर्जा के विकास में मदद करता है। कार्यक्रम में मातृभूमि सेवा मिशन के सदस्य, विद्यार्थी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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