धूमधाम से सम्पन्न हुआ सन्त अवध दास महाराज का तिरोभाव महोत्सव

सेंट्रल डेस्क संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक दूरभाष – 9416191877
ब्यूरो चीफ – डॉ. गोपाल चतुर्वेदी।
वृन्दावन : लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन में श्रीमद्भागवत के प्रकाण्ड विद्वान व वैष्णव सन्त अवध दास महाराज का 89वां तिरोभाव महोत्सव अत्यंत श्रद्धा व धूमधाम के साथ मनाया गया।जिसमें सन्तों व विद्वानों के द्वारा श्रीहरिनाम संकीर्तन के मध्य बाबा महाराज के चित्रपट का पूजन-अर्चन किया गया।साथ ही उनके व्यक्तित्व व कृतित्व की चर्चा की।
इस अवसर पर आयोजित वृहद सन्त- विद्वत सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए दंडी स्वामी भक्ति वेदान्त मधुसूदन गोस्वामी महाराज एवं महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. आदित्यानंद महाराज ने कहा कि बाबा अवध दास महाराज ने जीवन भर भागवतमय जीवन जिया। उन जैसे विरक्त सन्त अब पृथ्वी पर बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।
सुदामकुटी आश्रम के महंत अमरदास महाराज व आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने कहा कि बाबा अवध दास महाराज श्रीधाम वृन्दावन के प्राचीन स्वरूप के परिचायक थे। यदि उन्हें सन्त शिरोमणि कहा जाय तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी। प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवं भागवत प्रवक्ता आचार्य राम निहोर त्रिपाठी ने कहा कि बाबा अवध दास महाराज ने वृन्दावन स्थित प्रेम गली में भागवत मन्दिर की स्थापना की। साथ ही उसमें श्रीमद्भावत जी को विराजित करके उनकी आजीवन पूजा अर्चना की।
इस अवसर पर परम् हितधर्मी डॉ. चन्द्र प्रकाश शर्मा, पंडित सुरेश चन्द्र शास्त्री, श्रीहरि सुरेशाचार्य महाराज, बाबा कर्मयोगी, पण्डित राधाकृष्ण पाठक, करन कृष्ण गोस्वामी, दीपक कृष्ण गोस्वामी, पंडित जुगेंद्र भारद्वाज, पंडित विशन कौशिक, दिग्विजय दीक्षित, डॉ. केशवाचार्य महाराज, पंडित राजेंद्र द्विवेदी, बालकृष्ण शर्मा, महंत रामदास महाराज, महंत गोपीकृष्ण दास महाराज, पंडित गंगाधर पाठक, डॉ. राधाकांत शर्मा, कृष्ण कन्हैया पदरेणु, अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक, भागवताचार्य गोपाल भैया महाराज, उप- सभापति मुकेश सारस्वत, देवेश वशिष्ठ, एडवोकेट सुनील चतुर्वेदी, पंडित उदयन शर्मा, ब्रजेश गिरि, आचार्य ईश्वर चन्द्र रावत, डॉ. जमुना शर्मा, साध्वी राधानन्द महाराज आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संचालन डॉ. रामसुदर्शन मिश्र ने किया।
महोत्सव में पधारे सभी आगंतुकों का स्वागत-सत्कार बाबा अवध दास महाराज के पंती चेला पंडित बिहारी लाल वशिष्ठ व प्रमुख समाजसेवी श्रीगोपाल वशिष्ठ ने ठाकुरजी का पटुका-प्रसादी-माला आदि भेंट करके किया।
सायं काल प्रख्यात रासाचार्य स्वामी नृत्यगोपाल शर्मा के निर्देशन में चंद्रसखी लीला का अत्यन्त नयनाभिराम व चित्ताकर्षक मंचन किया गया।इससे पूर्व आयोजित सरस भजन संध्या में प्रख्यात भजन गायकों द्वारा ठाकुरश्री राधा-कृष्ण की महिमा से ओत-प्रोत भजनों व होली से संबंधित रसियाओं का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया गया।महोत्सव का समापन सन्त, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारे के साथ हुआ। जिसमें सैकड़ों व्यक्तियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।




