प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से रामा बने सफल उद्यमी

बॉयोफ्लॉक पद्धति से लाखों की हो रही आमदनी

बलरामपुर, 11 फरवरी 2026/ मत्स्य पालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीणों को स्वरोजगार का अवसर मिल रहे हैं। शासन की योजनाओं के समुचित लाभ और नवाचार के माध्यम से अब ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
इसी कड़ी में जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम मितगई निवासी श्री रामा मरकाम ने बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर दिया है। सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक सोच और शासन की योजनाओं का समुचित लाभ लेकर श्री मरकाम ने अपनी निजी भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस बॉयोफ्लॉक तकनीक में विशेष लाइनरयुक्त टैंक में नियंत्रित वातावरण तैयार कर कम पानी और सीमित स्थान में उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इस पद्धति में जल का पुनः उपयोग होता है, जिससे पानी की बचत होती है। साथ ही जैविक तत्वों के संतुलन के कारण आहार की लागत कम आती है और उत्पादन क्षमता अधिक रहती है। इस कारण तकनीक किसानों के बीच लोकप्रिय हो रही है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत श्री मरकाम को शासन द्वारा 4 लाख 50 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने आधुनिक मत्स्य पालन इकाई की स्थापना की। पिछले वर्ष उनके बॉयोफ्लॉक तालाब से लगभग 40 क्विंटल मछली का उत्पादन हुआ। स्थानीय बाजार में बेहतर मांग और उचित मूल्य मिलने से उन्हें 6 लाख रुपये की कुल आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद 3 लाख 50 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया ।
श्री रामा मरकाम ने बताया कि शासन की इस योजना से उन्हें अच्छा लाभ मिला है। विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से वे आधुनिक पद्धति से मत्स्य पालन कर बेहतर आय अर्जित कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण क्षेत्र में भी बड़ी आर्थिक उपलब्धि हासिल की जा सकती है। श्री मरकाम की सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। वे इस वर्ष उत्पादन क्षमता बढ़ाकर आय को दुगुना करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि युवा पारंपरिक खेती के साथ वैकल्पिक आजीविका के रूप में आधुनिक मत्स्य पालन अपनाएं तो आर्थिक आत्मनिर्भरता का मार्ग और भी सुदृढ़ हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से शासन आर्थिक सहायता के साथ तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के जरिए ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अच्छी पहल है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है।

V V News Vaashvara

जितेंद्र पटेल छत्तीसगढ़ में रहने वाले एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे VV News Vaashvara के प्रशानिक सम्पादक हैं, जहां वे निष्पक्ष और जनहित पत्रकारिता को बढ़ावा देते हैं। पुलिस परिवार कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में, वे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की समस्याओं को उजागर कर समाधान के लिए सरकार तक पहुंचाते हैं, साथ ही उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए कई कार्यक्रम चलाते हैं। सूचना का अधिकार के प्रदेश सचिव के रूप में, जितेंद्र पटेल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में काम करते हैं, जिससे आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी मिल सके। वे समाज में जागरूकता फैलाने, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए लगातार सक्रिय रहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और हर वर्ग की आवाज को मंच देना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

सपनों को पूरा करने की राह बनी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना

Wed Feb 11 , 2026
दिव्यांग बेटियों के जीवन में खुशियों की सौगात शांति के दुल्हन बनने का सपना हुआ साकार बलरामपुर, 11 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना उन बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आई है, जिनके जीवन में आर्थिक अभाव और शारीरिक चुनौतियों के कारण विवाह एक सपना ही रहा […]

You May Like

Breaking News

advertisement