आनंद,उत्सव,अनहद की धारा समर्थगुरु धारा है : समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया

कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 5 मार्च : श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी के सान्निध्य में सभी साधकों ने परिवार सहित होली उत्सव धूमधाम से मनाया।
5 मार्च 2026 को 29वां समर्थगुरू संबोधि दिवस और समर्थगुरु धारा दिवस मनाया जा रहा है।
क्योंकि 5 मार्च 1997 को आदरणीय समर्थगुरू को संबोधि हुई थी तभी समर्थगुरू धारा की स्थापना भी की गई थी।
यह विशेष दिवस सभी शिष्यों और समर्थगुरु के लिए विशेष महत्वपूर्ण है।
आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी ने ट्विटर के माध्यम से ने बताया कि जो समर्थगुरु धारा की संस्कृति है आनंद की, प्रेम की, उत्सव की, हमें इन तीनों आयामों को अपने जीवन में उतारना है।
आनंद,उत्सव,अनहद की धारा,परमगुरु का सपना समर्थगुरु धारा।
मैं हूँ सब सन्तों का वारिस, धर्म सनातन का प्रकाश हूँ।
राम कृष्ण की परंपरा हूँ,
नव पीढ़ी की नयी आस हूँ ।
हर युग में कोई आता है ,
सोते से हमें जगाता है ।
जागरणं शरणं गच्छामि,
गोविन्दं शरणं गच्छामि ।
मेरे मुर्शिद की तरह कौन ख़ुदा देता है ?
कोई ज़्यादा-से-ज़्यादा दैर या हरम देगा।
समर्थगुरु धाम, मुरथल, हरियाणा आश्रम में बहुत सुंदर आध्यात्मिक वातावरण है जिसका नेतृत्व स्वयं समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया और समर्थगुरु धारा टीम करती हैं ।
परम गुरु ओशो को संपूर्णता से समझने के लिए पृथ्वी के बैकुंठ अध्यात्म की यूनिवर्सिटी में सभी सच्चे प्यासे साधकों का परिवार सहित हार्दिक स्वागत है। मानो मत स्वयं अनुभव कीजिए।




