
46 विद्यार्थियों ने हासिल की मेरिट, 94.8 प्रतिशत अंक लेकर योगिता रही अव्वल
पलवल, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 17 अप्रैल : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय सीनियर सेकेंडरी स्कूल का सीबीएसई कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। विद्यालय की छात्रा योगिता ने 94.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं विनीता 93% अंक प्राप्त कर द्वितीय और योगिता एवं भव्य शर्मा 92.8% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रही। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार, कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा, अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह और छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर कुलवंत सिंह आदि ने विद्यालय के समस्त अध्यापकों व विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।
प्राचार्य सतेंद्र सौरोत ने बताया कि मेधावी विद्यार्थियों में संजना ने 92.6%, सचिन ने 92.4%, भविष्य पाठक, दीया एवं वृष्टि 92%, निशि 90.2%, तथा गीत एवं दीक्षा ने 90% अंक हासिल कर विद्यालय को गौरवान्वित किया है। उन्होंने बताया कि कुल 46 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया। अनेकों विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों में 194 विशेष योग्यताएं अर्जित की। विशेष उपलब्धि के रूप में विनीता, संजना एवं दीया ने ब्यूटी एंड वेलनेस विषय में शत प्रतिशत अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस शानदार सफलता के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास के साथ जश्न मनाया गया। विद्यार्थियों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया गया तथा मिठाइयां बांटी गईं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सतेन्द्र सौरोत ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा यह परिणाम केवल अंकों की सफलता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का सुंदर संगम है। प्रत्येक विद्यार्थी में अपार संभावनाएं होती हैं, आवश्यकता है उन्हें सही दिशा देने की। हमें गर्व है कि हमारे छात्र-छात्राएं न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में, बल्कि कौशल आधारित विषयों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह देश का पहला इनोवेटिव स्किल स्कूल है, जहां विद्यार्थियों को नौवीं कक्षा से ही वोकेशनल सब्जेक्ट पढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल स्तर से ही स्किल का हस्तांतरण करके विद्यार्थियों को करियर में सफल बनाया जा सकता है। स्कूल स्तर पर स्किल एजुकेशन का यह मॉडल अनुकरणीय है।


