
जिन विद्यार्थियों के पिता नहीं हैं और वह आर्थिक तौर पर जरूरतमंद हैं, उनके लिए विशेष स्कॉलरशिप के प्रावधान का एलान।
पलवल,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 10 जून: श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार ने कहा कि गरीब बच्चों की पढ़ाई किसी भी हालत में रुकने नहीं देंगे। जिन विद्यार्थियों के पिता नहीं हैं, उनको स्कॉलरशिप में विशेष वरीयता दी जाएगी। लड़कियों की उच्च स्तरीय पढ़ाई को सुनिश्चित करने के लिए भी हम हरसम्भव प्रयास करेंगे। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार एडमिशन सम्बन्धी समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय हर इच्छुक युवा को कौशल एवं उच्च शिक्षा देने के लिए संकल्पबद्ध है। इसलिए वित्तीय बाधाओं को किसी भी विद्यार्थी के आड़े नहीं आने देंगे। इसके लिए अधिक से अधिक छात्रवृत्ति का प्रबंध किया जाएगा। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय अपने इंडस्ट्री पार्टनर को भी स्कॉलरशिप के लिए प्रेरित करेगा।
इस बार अधिक से अधिक जरूरतमंद और योग्यताएं पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि कौशल विकास हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। इसके इसके लिए चाहे नियमों में कोई बदलाव भी करना पड़े, हम जरूरतमंद और मेधावी विद्यार्थियों को लिए विशेष प्रावधान करेंगे। अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने बताया कि कन्सेन्ट्रिक्स, क्नोरब्रेम्से सहित कई अन्य कंपनियां पहले से हमारे विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दे रही हैं। इसके अलावा कुछ सरकारी योजनाओं के अंतर्गत भी जरूरतमंद और योग्य विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दिलाई जाएगी। विश्व प्रकाश मिशन के अंतर्गत भी स्कॉलरशिप विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी। डायरेक्टर एडमिशन प्रोफेसर ज्योति राणा ने कहा कि जिन जरूतमंद विद्यार्थियों के माता- पिता नहीं है या पिता नहीं हैं, उनके लिए स्कॉलरशिप के अतिरिक्त प्रबंध किए जाएंगे, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।


