
आजमगढ़, 20 जुलाई 2026: एलवल स्थित सेन्ट जेवियर्स हाई स्कूल के प्रांगण में सोमवार को ‘वर्ल्ड चेस डे’ के अवसर पर एक भव्य अंतर्विद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में मेजबान सेन्ट जेवियर्स हाई स्कूल एलवल के साथ-साथ सम्मोपुर, समँदा, तरवा, लालगंज और फूलपुर की शाखाओं के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी दिमागी खेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
भव्य शुभारंभ और अतिथियों का स्वागत
प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक प्रशांत चन्द्रा, आवासीय प्रबंधक प्रद्युम्न जायसवाल व अनिरूद्ध जायसवाल, प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव, सी.ए.ओ. साक्षी बिसेन, उपप्रधानाचार्य संजय कुमार पाण्डेय, विद्यालय समन्वयक धीरेन्द्र भारद्वाज और कनिष्ठ समन्वयक मोना सिंह ने मुख्य व विशिष्ट अतिथियों के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिब्ली नेशनल कॉलेज आजमगढ़ के फिजिकल डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आसिम खान और विशिष्ट अतिथि ए.आर.टी.ओ. आजमगढ़ अतुल कुमार यादव रहे। विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य द्वारा दोनों अतिथियों को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
रोमांचक मुकाबलों के परिणाम
उम्र के आधार पर आयोजित इस प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में कड़ा संघर्ष देखने को मिला। विभिन्न वर्गों के परिणाम इस प्रकार रहे:
- अंडर-14 (बालक वर्ग): सेन्ट जेवियर्स समँदा ने विजेता और सेन्ट जेवियर्स लालगंज ने उपविजेता का खिताब जीता।
- अंडर-14 (बालिका वर्ग): सेन्ट जेवियर्स लालगंज की टीम विजेता रही, जबकि मेजबान सेन्ट जेवियर्स एलवल को उपविजेता से संतोष करना पड़ा।
- अंडर-19 (बालक वर्ग): सेन्ट जेवियर्स समँदा ने खिताबी जीत दर्ज की और सेन्ट जेवियर्स एलवल उपविजेता बना।
- अंडर-19 (बालिका वर्ग): मेजबान सेन्ट जेवियर्स एलवल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजय हासिल की, जबकि सेन्ट जेवियर्स लालगंज उपविजेता रहा।
प्रतिभाओं का सम्मान और प्रेरणा
कांटे की टक्कर के बाद सभी विजेता और उपविजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने बच्चों के खेल की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसी खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
शतरंज केवल खेल नहीं, एकाग्रता की विधा: प्रधानाचार्य
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव ने सभी का आभार व्यक्त किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा:
“शतरंज केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी विधा है जो विद्यार्थियों में एकाग्रता, तार्किक सोच, त्वरित निर्णय क्षमता और अनुशासन का विकास करती है। यह प्रतियोगिता छात्रों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगी।”
अंत में प्रधानाचार्य ने मुख्य व विशिष्ट अतिथियों सहित सभी आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया और प्रतियोगिता में शामिल सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल व सफल जीवन की कामना की।


