
केयू में कला प्रदर्शनी का आयोजन, छात्रों की प्रतिभा को मिला मंच।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 15 अप्रैल : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में ललित कला विभाग द्वारा एक भव्य कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी एवं लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने किया।
उद्घाटन अवसर पर प्रो. महासिंह पूनिया ने छात्रों की मेहनत और कलात्मक उत्कृष्टता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त दर्पण है। इस प्रकार के आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी सोच, कल्पनाशक्ति और भावनाओं को साकार रूप देने का अवसर मिलता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रचनात्मकता और नवाचार भी उतने ही आवश्यक हैं। कला प्रदर्शनी जैसे मंच विद्यार्थियों को आत्मविश्वास प्रदान करते हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने ललित कला विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग निरंतर कला और संस्कृति के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध बनाते हैं और विद्यार्थियों को नई दिशा प्रदान करते हैं।
यह प्रदर्शनी ललित कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा बनाई गई विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें चित्रकला, टेराकोटा तथा अन्य माध्यम शामिल हैं। इन कलाकृतियों में विविध विषय, शैलियां और तकनीकों का समावेश देखने को मिला, जो छात्रों की रचनात्मकता और उनके सौंदर्यबोध को दर्शाता है।
डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य छात्रों को नवीन विचारों के प्रति प्रेरित करना और उन्हें अपने कार्य को व्यापक दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देना है। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी छात्रों की कलाकृतियों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी कलाकृतियां मानव भावनाओं, प्रकृति, सामाजिक जीवन और व्यक्तिगत अनुभवों से प्रेरित हैं। यह प्रदर्शनी न केवल छात्रों की प्रतिभा को उजागर करती है, बल्कि विश्वविद्यालय में कला और रचनात्मकता के सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण को भी प्रदर्शित करती है।


