शंकराचार्य के अपमान और POCSO प्रकरण में साज़िश के खिलाफ भड़की कांग्रेस — ज़िलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ के नेतृत्व में आज़मगढ़ कांग्रेस ने दिया डीएम को ज्ञापन

आज़मगढ़।
जिला कांग्रेस कमेटी, आज़मगढ़ द्वारा आज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ हुए कथित अपमान, प्रशासनिक दुर्व्यवहार तथा उनके विरुद्ध दर्ज POCSO प्रकरण के विरोध में जोरदार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ ने किया।

इस अवसर पर ज़िलाध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ ने कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक है, जिसकी मान्यता ऐतिहासिक धार्मिक परिपाटियों से निर्धारित होती है। ऐसे प्रतिष्ठित धर्मगुरु के साथ माघ मेले के दौरान किया गया व्यवहार न केवल उनका, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के विरुद्ध दर्ज POCSO प्रकरण संदिग्ध परिस्थितियों में सामने आया है, जिससे राजनीतिक दुर्भावना की आशंका उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी गंभीर कानून का उपयोग किसी को बदनाम करने या उसकी आवाज़ दबाने के लिए किया जाता है, तो यह लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए खतरा है।
कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी धार्मिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आज़ादी और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से इस पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कार्यक्रम में रियाजुल हसन, राजाराम यादव , राहुल राय, गिरीशचंद्र चतुर्वेदी, पूर्णमासी प्रजापति, बेलाल बेग , रविकांत त्रिपाठी, रमेश राजभर, अजीत राय, दिनेश यादव ,नरेंद्र सिंह, बिपिन कुमार पाठक ,मुन्नू यादव , अंसार अहमद , शिवमंगल सिंह, सुनील सिंह , संतोष सिंह, शीला भारती, प्रमोद यादव , श्यामदेव यादव , प्रदीप यादव, सीमा भारती, हाजी इफ़्तिख़ार, धर्मराज चौहान ,योगेंद्र यादव , रामअवध ‘प्रेमी’, रामानंद सागर , राकेश गुप्ता , बृजेश पांडेय, बालचंद राम, गोविंद शर्मा, गुलाब राय , मंतराज यादव , हरिनाथ सिंह, प्रभुनाथ सिंह , केदारनाथ मौर्य , महताब आलम, प्रेमा चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में शंकराचार्य के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।


