
जाको राखे साइयां मार सके ना कोय।
::मौत को मात देकर घर लौटा 11 वर्षीय अरुण
:: सगड़ी विधायक डॉ. एच.एन. सिंह पटेल और रामरती हॉस्पिटल की टीम ने रचा नया जीवन।
जीत बहादुर लाल श्रीवास्तव
सगड़ी,आजमगढ़। कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ी कर देती है जहां उम्मीद की हर किरण धुंधली पड़ने लगती है। लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति, चिकित्सकीय कौशल और ईश्वर की कृपा मिल जाए तो चमत्कार भी हकीकत बन जाते हैं।
ऐसा ही एक प्रेरणादायक मामला जनपद मऊ के कोपागंज थाना क्षेत्र के फतेहपुर ताल नरजा गांव का सामने आया है, जहां 11 वर्षीय अरुण साहनी गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गया। 10 जून 2026 को भैंस अरुण साहनी के शरीर पर चढ़ गई जिससे उसके पेट के अंदर की बड़ी आंत और डुओडेनम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालत इतनी गंभीर थी कि परिजन कई जगह इलाज के लिए भटकते रहे, लेकिन कहीं राहत नहीं मिली।
आखिरी उम्मीद लेकर परिजन
निराश और रोते-बिलखते रामरती हॉस्पिटल पहुंचे तो वहां सगड़ी विधायक एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. एच.एन. सिंह पटेल ने बच्चे की स्थिति का गंभीरता से आकलन किया और तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया।
डॉ. पटेल और उनकी चिकित्सकीय टीम ने कई घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान क्षतिग्रस्त बड़ी आंत को निकालकर नई सर्जिकल प्रक्रिया से छोटी आंत को बड़ी आंत से जोड़ा गया। साथ ही क्षतिग्रस्त डुओडेनम की मरम्मत कर पेट और छोटी आंत को जोड़ते हुए जीवनरक्षक शल्य चिकित्सा की गई।
ऑपरेशन के बाद बच्चे को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की मेहनत का परिणाम रहा कि कुछ ही दिनों में अरुण की हालत तेजी से सुधरने लगी। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौटने के लिए तैयार है।
जिस परिवार की आंखों में कुछ दिन पहले सिर्फ चिंता और दर्द था, आज वहीं खुशी और संतोष दिखाई दे रहा है। परिजनों ने डॉ. एच.एन. सिंह पटेल और रामरती हॉस्पिटल की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
सगड़ी विधायक डॉ. एच.एन. सिंह पटेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस सफल उपचार का उल्लेख करते हुए कहा कि चिकित्सा विज्ञान, टीमवर्क और ईश्वर की कृपा के सम्मिलित प्रयास से ही यह संभव हो पाया। उन्होंने इसे मानव सेवा और चिकित्सकीय समर्पण का उदाहरण बताया।
यह घटना न केवल आधुनिक चिकित्सा की सफलता की कहानी है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब संकल्प, सेवा और संवेदनशीलता एक साथ हों तो जिंदगी को नई शुरुआत मिल सकती है।


