
ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में स्वावलंबन योजना निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका : प्रो. वनिता ढींगरा
10 दिवसीय मशीनी कढ़ाई प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में महिला अध्ययन शोध केंद्र द्वारा 10 दिवसीय मशीनी कढ़ाई पर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यशाला का सोमवार को शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के समाज के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए चलाए जा रहे कौशल संवर्धन कार्यक्रम स्वावलंबन के अंतर्गत आयोजित की गई है।
कार्यशाला का प्रारंभ करते हुए केंद्र की निर्देशिका प्रो. वनिता ढींगरा ने अपने स्वागत भाषण में केंद्र की गतिविधियों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता रहा है जैसे स्वास्थ्य जांच, रेसिपी प्रतियोगिता, जागरूक कार्यक्रम आदि। उन्होंने कहा कि स्वावलंबन योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
कढ़ाई केंद्र की सयोजिका डॉ. वंदना दवे ने बताया कि महिला अध्ययन शोध केंद्र एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व छात्र संघ(कुका) के सहयोग से विश्वविद्यालय के आसपास के 6 गांव में सिलाई एवं कढ़ाई केंद्र संचालित किया जा रहे है। इन केन्द्रों को हाल ही में कढ़ाई मशीन एवं इंटरलॉकिंग मशीन उपलब्ध करवा कर अपग्रेड किया गया है। इन केन्द्रों को संचालित कर रही प्रशिक्षकों तथा कुछ चयनित प्रशिक्षकों को मशीनी कढ़ाई में पारंगत करने हेतु इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की सिलाई कढ़ाई की कुशलता में वृद्धि करके उनके रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है साथ ही ग्रामीण महिलाओं हेतु चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रभावशीलता में वृद्धि करना है। मशीनी कढ़ाई में प्रशिक्षण प्राप्त करके यह महिलाएं अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देंगी।
उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि उड्डयन केयर संस्था की निदेशिका प्रो. सुषमा शर्मा ने प्रतिभागियों को उड्डयन केयर संस्था की कार्य प्रणाली तथा उड्डयन शालिनी फैलोशिप की जानकारी देते हुए कहा कि संस्था 6 से 18 वर्ष की बेघर तथा असहाय लड़कियों को सुरक्षित आश्रय तथा शिक्षा प्रदान करती हैं तथा गरीब लड़कियों की शिक्षा के लिए फेलोशिप प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि लड़कियों के बहुमुखी विकास हेतु संस्था प्रयासरत है। उन्होंने प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर होने, अपनी कुशलता में वृद्धि करने तथा समाज के लिए कुछ बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यशाला में लगभग 40 ग्रामीण महिलाये मशीनी कढ़ाई का प्रशिक्षण कर रही है।


