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कुरुक्षेत्र, 29 मई : श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि समर्थगुरु धाम मुरथल हरियाणा के संस्थापक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया के सान्निध्य में जूम के माध्यम से ऑनलाइन सूफ़ी दरबार कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। देश विदेशों से जुड़े साधकों ने भगवान और संतो की दिव्य कृपा अनुभव की।
सूफी बाबा शाह कलंदर का 13वा उर्स समारोह कलंदर बाग, गिरिडीह में 29 मई से 31 मई 2026 तक मनाया जाएगा।
सूफी बाबा का जन्म 15 जून 1930 को बिहार के पूर्वी चंपारण जिला के दरियापुर गाँव के एक जमींदार परिवार में हुआ। बचपन से ही बाबा आध्यात्मिक स्वभाव के थे ।
सूफ़ी बाबा जी के पास सभी गुरु शिष्य परंपरा के लोग आते रहते और उनसे मार्ग दर्शन पाते। उनकी नज़र में कोई गैर नहीं था,सभी अपने थे।
29 मई 2013 को सूफ़ी बाबा ने अपने शरीर का त्याग कर दिया और कलंदर बाग में इनकी समाधि बनाई गई।
प्रत्येक वर्ष 29 मई से 31 मई तक कलंदर बाग, गिरडीह में सूफ़ी बाबा जी का उर्स मनाया जाता है। सभी परंपराओं के मुरीद और प्रेमी श्रद्धा सुमन अर्पित करने बाबाजी की समाधि में आते रहते हैं और रूहानी फैज प्राप्त करते हैं।
ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया ने आज बताया कि सूफ़ी कहते है गुरु और शिष्य का संबंध सीना-ब-सीना है। दोनो का हृदयगत तार जुड गया है।इसलिए प्रेम है।इसलिए गुरु को देखकर सर्वाधिक खुशी होती है।
गुरु कही भी हो,इससे फर्क नही पडता।
जैसे ही तार जुड गया,मेरा हृदय मेरे गुरु से जुड गया,तुरंत प्रेम और खुशी साथ-साथ पैदा हो जाएंगे।
शाह क़लन्दर ने कहा, सुनो वत्स सिद्धार्थ।
सद्गुरू युग का कृष्ण है, शिष्य सभी हैं पार्थ॥
सूफ़ी बाबा के निर्वाण दिवस पर उन्हें मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि।


