
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : संभल, भारतीय इतिहास संकलन समिति द्वारा नगर के तिरंगा मार्केट में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के विचारों पर चलने और राष्ट्र एकता के संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर के प्रधानाचार्य एवं मुख्य अतिथि अतुल कुमार शर्मा द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
अपने संबोधन में अतुल कुमार शर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था। वे महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। वे “एक देश, दो विधान, दो निशान” के कट्टर विरोधी थे।
भारतीय इतिहास संकलन समिति के जिला अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी की सोच थी कि विभाजित कश्मीर नहीं बल्कि संपूर्ण कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इसीलिए भारतीय जनसंघ अर्थात वर्तमान भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है –
“जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है। जो कश्मीर हमारा है, वह सारा का सारा है।”
उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत का हिस्सा बताते हुए इसे भारत में मिलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर सुबोध कुमार गुप्ता, राजेंद्र सिंह गुर्जर, अरुण कुमार अग्रवाल, उमेश श्रीमाली, शलभ रस्तोगी, रोहित कुमार, सुमन वर्मा आदि ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके राष्ट्रभक्ति, स्पष्टवादिता और जनसेवा के विचारों को साझा किया।
वक्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अद्भुत देशभक्त, कुशल राजनीतिज्ञ, भारत माता का अनन्य सेवक और जन-जन के प्रेरणा स्रोत बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय कुमार शर्मा ने की एवं संचालन सुबोध कुमार गुप्ता ने किया।


