
हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
संवाददाता – उमेश गर्ग।
कुरुक्षेत्र, 14 अप्रैल : शहीद बाबा जीवन सिंह एवं मजहबी सिख सुधार सभा फौजी कॉलोनी के निवासियों द्वारा बैसाखी का पर्व बड़ी श्रद्धा व हर्षोल्लास से मनाया गया। निशान साहिब का चोला चढ़ाया गया। बैसाखी पर्व पर गुरुद्वारा फौजी कालोनी में रखे गए अखंड पाठ का भोग डाला गया। जिसमें साध-संगत ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। फौजी कॉलोनी के महामंत्री कुलवंत सिंह भट्टी ने कहा कि वैसाखी का पर्व भारतवासियों के लिए सदियों से पुराना त्योहार है। वैसाखी से कई यादे जुड़ी हुई है। वैसाखी वाले दिन ही दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने जात पात को खत्म कर पंच प्यारों को अमृत छकाकर सिख पंथ की स्थापना की। वैसाखी का पर्व हम सब के लिए विशेष महत्व रखता है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने हमें ऐसे धर्म से जोड़कर गृहस्थ जीवन में रहकर भी हमें समाज में सेवा करना सिखाया। गुरु जी ने हमें हक सचा के लिए मर मिटने की प्रेरणा दी। 13 अप्रैल 1919 बैसाखी के दिन अमृतसर जलियांवाला बाग के अंदर रोलेट एक्ट का विरोध करने के लिए एक सभा हो रही थी। जिसमें क्रूर जनरल डायर ने भरी सभा में उपस्थित निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवा दी थी। गुरु गोबिंद सिंह जी ने हमें आपसी भाईचारे व समाज में मिलजुल कर रहने की शिक्षा दी। हमें गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा बताए हुए मार्ग पर चलना चाहिए और अपने गुरुओं, ग्रंथों व बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए। रागी जत्थे द्वारा कीर्तन किया गया और सबकी सुख शांति के लिए अरदास की गई। साध-संगत द्वारा गुरु का लंगर बतराया गया। इस मौके पर पार्षद परमवीर सिंह प्रिंस, प्रधान संजीव सिंह सन्नी, गुरचरण सिंह, बाबा सुखविंद्र सिंह, तरसेम सिंह, सुरेंद्र सिंह छिंदा, गोरा, करनैल सिंह, सुखदेव सिंह भट्टी, गुरमीत कौर, हरचरण सिंह, परमजीत कौर, मोहन सिंह खालसा सहित साध-संगत मौजूद रही।
गुरुद्वारा में मौजूद संगत।


