
“एक पेड़ – एक जिम्मेदारी, एक बेहतर कल की तैयारी”
जीरकपुर प्रमोद कौशिक 12 जुलाई : तथास्तु चैरिटेबल स्कूल में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से वृक्षारोपण जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पौधों का वितरण किया गया तथा उन्हें वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बच्चों को बताया गया कि पेड़ हमें शुद्ध वायु, ऑक्सीजन, छाया तथा स्वस्थ वातावरण प्रदान करते हैं। इसलिए केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित देखभाल कर उसे एक विशाल वृक्ष बनाना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में सभी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने प्रत्येक जन्मदिन पर केक काटने के साथ या उसकी जगह एक पौधा अवश्य लगाएंगे तथा उसकी देखभाल भी करेंगे।
इस अवसर पर तथास्तु चैरिटेबल स्कूल की संस्थापक एवं चेयरपर्सन डॉ. सरबजीत कौर, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रेनू सरवन, पंचकूला अध्यक्ष श्रीमती शशि, विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती दर्शना एवं समस्त स्टाफ ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें प्रकृति से प्रेम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सदैव आगे रहने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. सरबजीत कौर ने कहा कि “भिक्षा नहीं, शिक्षा दो” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है। हमारा विश्वास है कि किसी जरूरतमंद को केवल दान देना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाना सबसे बड़ा मानव धर्म है। शिक्षा ही वह शक्ति है जो गरीबी, अशिक्षा और सामाजिक असमानता को समाप्त कर सम्मानजनक जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने कहा कि तथास्तु चैरिटेबल स्कूल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक संस्कार, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य के अवसर प्रदान करना है। साथ ही बच्चों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का भाव विकसित करना भी विद्यालय का प्रमुख लक्ष्य है।
उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान करते हुए कहा, “हर बच्चे के हाथ में भीख का कटोरा नहीं, शिक्षा की किताब हो। हर जन्मदिन पर एक पौधा लगाने का संकल्प लें और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित एवं सुरक्षित वातावरण का उपहार दें।”
कार्यक्रम का समापन “एक पेड़ आज लगाएँ, कल एक बेहतर भविष्य पाएँ” तथा “आओ, हम सब मिलकर धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लें” के संदेश के साथ हुआ।
तथास्तु चैरिटेबल स्कूल
अभियान: “भिक्षा नहीं, शिक्षा दो”
“शिक्षा सबसे बड़ा दान है, और हरित पर्यावरण सबसे बड़ी विरासत।”


