होली पर्व में आत्मवान होकर जियो : समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
संवाददाता – उमेश गर्ग दूरभाष – 94161 91877
कुरुक्षेत्र पिपली 2 मार्च : श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया होली का त्यौहार इस बार बुधवार 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।
होली का आध्यात्मिक महत्त्व : हम सभी अपनी बुराईयों को योग अग्नि में स्वाहा करें। अपनी आत्मा को सद्गुणों से विकसित कर परमात्म पथ पर चले। होली का अर्थ है जो बात आज अच्छी या बुरी हुई उसको भूलने के बाद वर्तमान में जीओं। संकल्प ले कर एक दूसरे की बुराइयों को बंद करें। सभी के गुणों को देखें क्योंकि परमपिता परमात्मा हम सभी का रचयिता है तो उसकी रचना सारा विश्व है इसलिए सभी से प्रेम करने का रंग लगाये क्योंकि प्रेम ही भगवान है और भगवान ही प्रेम है।
होली पर विशेष गुलाल में रंगों का प्रयोग सुख समृद्धि को बढ़ायेगा :
मेष और वृश्चिक राशि: इस राशि के लोगों को पीले और गुलाबी रंगों से होली खेलनी चाहिए।
वृष और तुला राशि : इस राशि के लोगों को सिल्वर रंग, हल्के नीले एवं आसमानी रंगों से होली खेल सकते हैं।
मिथुन और कन्या राशि : इस राशि के लोगों को नारंगी, पीले और गुलाबी रंग से होली खेलनी चाहिए I
कर्क राशि : इस राशि के लोगों को सफेद रंग से होली खेलनी चाहिए।
सिंह राशि : इस राशि के लोगों को पीले, नारंगी और हल्के हरे आदि रंगों से होली खेलनी चाहिए I
धनु और मीन राशि : इस राशि के लोगों को पीले और नारंगी रंग से होली खेलनी चाहिए I
मकर और कुंभ राशि : इस राशि के लोगों को फिरोजी हरा, आसमानी और नीले रंग से होली खेलनी चाहिए I
विशेष निमंत्रण :
ट्वीटर के माध्यम से समर्थगुरू धाम मुरथल हरियाणा के संस्थापक आदरणीय समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया ने बताया कि अगर तुमने आत्मा को नहीं जाना तो तुम जी नहीं रहे हो, बस समय काट रहे हो। आत्मवान होकर जियो।
4 मार्च 2026, बुधवार को सुबह 10 से 11 बजे समर्थगुरु धाम, मुरथल हरियाणा में समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया के साथ रंगीन और संगीतमय होली उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है, जिसके बाद उमंग वर्षा, उत्सव नाश्ता और दोपहर भोजन प्रसाद होगा।




