वंदे मातरम् से होगी कुवि के 35वें दीक्षांत समारोह की शुरुआतः प्रो. सोमनाथ सचदेवा

30 मार्च पंजीकरण की अंतिम तिथि, लगभग 3000 विद्यार्थियों को प्रदान की जाएंगी डिग्रियां।
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 25 मार्च : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले 35वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में बुधवार को सीनेट हॉल में दीक्षांत समारोह को भव्य, गरिमामय और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए बैठक का आयोजन किया गया जिसमें दीक्षांत समारोह से संबंधित तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि दीक्षांत समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” गीत से की जाएगी, ताकि कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रभक्ति, गौरव और सकारात्मक ऊर्जा के वातावरण में हो सके। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विद्यार्थी के शैक्षणिक जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, समर्पण और उपलब्धियों का उत्सव भी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार 4 अप्रैल को आयोजित होने वाले 35वें दीक्षांत समारोह को गरिमामय और यादगार बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों, निदेशक एवं प्राचार्यो को विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह के बारे में सूचित कर ज्यादा से पंजीकरण करने का आह्वान किया।
दीक्षांत समारोह के संयोजक डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश ने बताया कि 35 वें दीक्षांत समारोह में लगभग 3000 विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों की स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध उपाधियां प्रदान की जाएंगी। यह समारोह विद्यार्थियों के लिए उनके शैक्षणिक जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का अवसर होगा, जिसमें उन्हें उनकी मेहनत और समर्पण के लिए सम्मानित किया जाएगा।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि दीक्षांत समारोह में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 मार्च निर्धारित की गई है। निर्धारित तिथि के बाद पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से समय रहते अपना पंजीकरण करवाने का आग्रह किया है, ताकि समारोह की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जा सके। वहीं दीक्षांत समारोह से एक दिन पूर्व 3 अप्रैल 2026 को दोपहर 3.00 बजे रिहर्सल आयोजित होगी जिसमें सभी अभ्यर्थियों का भाग लेना अनिवार्य है। रिहर्सल में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को मुख्य समारोह में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक में दीक्षांत समारोह के दौरान अतिथियों के स्वागत, विद्यार्थियों की बैठने की व्यवस्था, मंच प्रबंधन, एकेडमिक प्रोसेशन, सुरक्षा, पार्किंग, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, पंजीकरण प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि समारोह को सफलतापूर्वक आयोजित किया जा सके।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर.चौधरी, प्रो. डी.एस.राणा, प्रो. सुनील ढींगरा, प्रो. प्रीति जैन, प्रो. संजीव अग्रवाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, प्रो. प्रदीप मित्तल, प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. जसबीर ढांडा, प्रो. कृष्णा देवी, प्रो. उषा रानी, प्रो. रमेश भारद्वाज, प्रो. अनिल मित्तल, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. महाबीर नरवाल, प्रो. अनिता भटनागर, डॉ. जितेन्द्र खटकड़, प्रो. नरेन्द्र सिंह, प्रो. रीटा दलाल, प्रो. कुलदीप सिंह, प्रो. अनिता दुआ, प्रो. लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, उप-निदेशक डॉ. जिम्मी शर्मा, उप-निदेशक डॉ. सलोनी पी दिवान डॉ. गुरचरण सिंह, डॉ. सुरजीत, डॉ. नीरज बातिश, डॉ. सुमन मेंहदिया, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. जितेन्द्र जांगडा, डॉ. आशीष अनेजा आदि मौजूद थे।



