
खराब प्रगति वाले आयुष्मानस आरोग्य मंदिरों पर सख्ती, सीएमओ ने मांगी एक सप्ताह में रिपोर्ट
“जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना सर्वोच्च प्राथमिकता” : डॉ. एन. आर. वर्मा
रिपोर्टिंग, वेलनेस सत्र और टेली-कंसल्टेशन में लापरवाही पर होगी कार्यवाही
जनपद में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह कार्यवाही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी समीक्षा पत्र के क्रम में की गई है, जिसमें कुछ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने की बात सामने आई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन केंद्रों पर दैनिक रिपोर्टिंग, जन आरोग्य समिति बैठक, वेलनेस गतिविधियां तथा ई-संजीवनी के माध्यम से टेली-कंसल्टेशन का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
डॉ. एन. आर. वर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सूचीबद्ध आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) एवं अन्य कार्मिकों के कार्यों की समीक्षा करें। जहां आवश्यक हो वहां सुधारात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल उपचार का केंद्र नहीं बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का माध्यम भी हैं। यहां नियमित स्वास्थ्य जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, गैर संचारी रोगों की जांच, योग एवं वेलनेस गतिविधियां तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसलिए प्रत्येक केंद्र की सक्रियता और नियमित रिपोर्टिंग अत्यंत आवश्यक है।
सीएमओ ने निर्देश दिया कि सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी एक सप्ताह के भीतर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि राज्य स्तर पर जनपद की प्रगति बेहतर ढंग से प्रस्तुत की जा सके।
(डाॅ एन आर वर्मा )
मुख्य चिकित्साधिकारी
आजमगढ़


