
आजमगढ़।
पटरियों पर काम करने वालों एवं ठेले-खोमचे लगाने वालों को भी दी विशेष नसीहत
स्कूली बच्चों को भी सतर्क रहने और पर्याप्त पानी पीने का दिया संदेश
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा है कि वर्तमान समय में जनपद का तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी एवं हीटवेव (लू) को देखते हुए सभी लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि “सावधानी रखना ही सबसे बेहतर विकल्प है।”
सीएमओ ने विशेष रूप से सड़क किनारे ठेले-खोमचे लगाने वाले, रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूर, निर्माण कार्यों एवं पटरियों पर कार्य करने वाले श्रमिकों से अपील की कि वे तेज धूप में लगातार काम करने से बचें तथा समय-समय पर छायादार स्थानों पर आराम अवश्य करें। उन्होंने कहा कि काम के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, छाछ, नींबू पानी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
डॉ. वर्मा ने स्कूली बच्चों को भी गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चे स्कूल जाते समय पानी की बोतल साथ रखें, धूप में अधिक देर तक खेलने से बचें तथा घर लौटने पर पर्याप्त मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थों का सेवन करें। अभिभावकों से भी बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई।
उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी एवं हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढकें तथा हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि गर्मियों में हल्का एवं पौष्टिक भोजन करना चाहिए। तरबूज, खरबूजा, खीरा, पपीता, संतरा जैसे मौसमी फलों का सेवन लाभकारी है। दही, छाछ, नारियल पानी एवं बेल का शरबत शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं।
उन्होंने लोगों से बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की अपील की। साथ ही पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने को कहा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, बेहोशी, सांस लेने में परेशानी या लू के गंभीर लक्षण दिखाई दें तो घबराएं नहीं, तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र अथवा किसी भी सरकारी चिकित्सालय पर जाएं। वहां मरीजों को तुरंत उपचार एवं राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
(डाॅ एन आर वर्मा )
मुख्य चिकित्साधिकारी
आजमगढ़

