
शिव कथा में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की गरिमामयी उपस्थिति, हिमाचली टोपी पहनाकर कथा व्यास डॉ सर्वेश्वर जी का किया अभिनंदन।
(पंजाब) फिरोजपुर 02 जुलाई {कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता}=
दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की असीम अनुकंपा से खलीनी, शिमला में आयोजित सात-दिवसीय भगवान शिव कथा के तृतीय दिवस सुबोध सूद ने परिवार सहित पूजन किया।कथा व्यास डॉ. सर्वेश्वर जी ने सती प्रसंग का सुमधुर भजनों व चौपाइयों के साथ व्याख्यान किया। भगवान शिव अपनी अर्धांगिनी सती को संग लेकर अगस्त्य मुनि जी के आश्रम में प्रभु राम की पावन कथा श्रवण करने जाते हैं, परन्तु तर्कबुद्धि से प्रेरित हुईं सती कथा का मर्म ही नहीं जान पातीं। जिस कारण जब वह प्रभु श्री राम को साधारण नर-लीला करते हुए देखती हैं तो उन्हें संशय आ जाता है कि वह ईश्वर जो परब्रह्म, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, मायारहित और इच्छारहित है, वह शरीर कैसे धारण कर सकता है। महादेव के कहने पर वह प्रभु श्री राम की परीक्षा लेने गईं तो असफल हो गईं। आकर शिव से असत्यवादन कर दिया जिसके कारण उनका शिव से पुनः वियोग हो गया। भगवान शिव स्वयं अपने मुख से बताते हैं कि ईश्वर तर्क-वितर्क, मन, वाणी और बुद्धि से अति परे है। तर्क बुद्धि से दिया जाता है और जिसकी बुद्धि जितनी अधिक तीव्र होगी, वह उतना ही अच्छा तर्क देगा। रावण ने भी, जो वेदों का ज्ञाता था, बुद्धि से राम जी को समझने का प्रयास किया और असफल हो गया। ईश्वर तर्क का नहीं, अपितु प्रत्यक्ष दर्शन का विषय है। समय के पूर्ण सद्गुरु द्वारा दिव्य दृष्टि उद्घाटित होने के पश्चात ही ईश्वर को देखा व समझा जा सकता है। अतः एक तत्ववेत्ता सद्गुरु की कृपा से ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर उस ईश्वर का घट में दर्शन प्राप्त करना चाहिए।कथा में कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे उन्होंने हिमाचली टोपी पहनाकर कथा व्यास डॉ सर्वेश्वर जी का अभिनंदन भी किया।
कथा का समापन प्रभु की पावन आरती से किया गया जिसमें वरिष्ठ भाजपा नेता संजय सूद, जिला परिषद् सदस्य प्रियंका तनवर, संकटमोचन हनुमान मन्दिर के ट्रस्टी अनिल तनवर, प्रधान बड़ई पंचायत महिंदर कुमार,उपप्रधान वीरेन्द्र ठाकुर, एडवोकेट योगिंदर पॉल,दीपक शर्मा,संजीव ठाकुर,राजीव पण्डित एवं तरसेम पराशर ने विशेष रूप से हिस्सा लिया।


