किसानों और विद्यार्थियों ने सीखे मशरूम उत्पादन के गुर

एसवीएसयू के कृषि संकाय में आयोजित हुआ प्रशिक्षण शिविर।
पलवल, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 22 मार्च : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में मशरूम उत्पादन तकनीक पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन तकनीक से किसान अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में स्वावलंबी कदम उठा सकते हैं। एसवीएसयू आसपास के किसानों को अत्याधुनिक तकनीक सिखाने के लिए प्रतिबद्ध है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि मशरूम उत्पादन से किसानों का जीवन स्तर अच्छा हो सकता है। दिल्ली एनसीआर में इस व्यवसाय के लिए काफ़ी संभावनाएं हैं।
संकायाध्यक्ष प्रोफेसर डी. वी. पाठक ने मशरूम उत्पादन तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी दी और इसकी संभावनाओं पर चर्चा की। इस प्रशिक्षण में 14 किसान और 18 छात्रों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की प्रायोगिक विधियों के साथ-साथ रोग प्रबंधन और उत्पाद विविधीकरण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर बी. के. शर्मा ने ऑयस्टर मशरूम पर व्याख्यान दिया। कृषि विज्ञान केंद्र फरीदाबाद की समन्वयक डॉ. वर्षा ने मशरूम से विभिन्न उत्पाद बनाने की तकनीक सिखाई। डॉ. स्मिता ने मशरूम उत्पादन की तकनीक पर प्रकाश डाला। हेमंत हरि त्रिपाठी ने उत्पादन के बाद की सावधानियों, स्यान निर्माण, रोग एवं उपचार पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। अंतिम दिन पुष्पेंद्र शर्मा ने विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे कृषि उत्पादों का परिचय कराया और प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय के कृषि फार्म का दौरा करवाया, जहाँ ऑर्गेनिक खेती और मधुमक्खी पालन का अवलोकन कराया गया।
समापन अवसर पर स्किल फैकल्टी ऑफ एप्लाइड साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज की डीन प्रोफेसर सुचित्रा वशिष्ठ ने प्रशिक्षण की सफलता पर संकायाध्यक्ष प्रोफेसर पाठक को बधाई दी। उन्होंने औषधीय फसलों के महत्व पर जोर देते हुए किसानों और छात्रों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। विभाग समन्वयक डॉ. हरीश कुमार ने सभी अधिकारियों, किसानों, छात्रों और संकाय सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. तेजेंद्र सिंह, डॉ. ख़ुशबू, डॉ. गीता और डॉ. गुरप्रीत सिंह सहित काफ़ी संख्या शिक्षक, विद्यार्थी और किसान उपस्थित थे।
किसानों का स्वागत करते कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार।



