
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : फतेहगंज पश्चिमी, भोलापुर रामगंगा घाट से गुजरने वाले कावड़ियों के वदहाल और दलदल भरे रास्ते को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने का बड़ा असर हुआ है। घुटनों तक कीचड़ में दंडवत यात्रा करने की खबर सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया।
डीएम के निर्देश पर शुक्रवार को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भोलापुर घाट से कावड़िया मंदिर तक जाने वाले करीब 2 किमी लंबे मार्ग का पैदल निरीक्षण करके दलदल की स्थिति का जायजा लेने के बाद उसमें मिट्टी डालकर रस्ते को दुरस्त करने की योजना बनाई गई।
गौरतलब है गांव चितौली निवासी नंदकिशोर और प्रियांशु ने भोलापुर रामगंगा घाट से दंडवत यात्रा शुरू की थी। लगभग 2 किमी तक उन्हें घुटनों तक भरे कीचड़ और दलदल से होकर गुजरना पड़ा था। उनकी कुल 7 किमी लंबी यात्रा में कई जगह रास्ता और भी खराब मिला था।
ग्रामीणों ने बताया कि सावन के चौथे सोमवार को गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कावड़िये भोलापुर घाट पर गंगाजल भरने पहुंचेंगे और इसी मार्ग से होकर जलाभिषेक करने जाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा कावड़ यात्रा को पहले एजेंडे में रखने और मार्ग दुरस्त करने के सख्त निर्देशों के बावजूद जमीनी हकीकत खराब है।
अब जिलाधिकारी के संज्ञान लेने और टीम के निरीक्षण के बाद कपिल गंगवार,रवि गुर्जर आदि ग्रामीणों को उम्मीद है कि चौथे सोमवार से पहले मार्ग को दुरस्त कराकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाएगी।एसडीएम निधि शुक्ला ने बताया जांच कराने के बाद पता चला कि वह शॉर्ट कट खेतों से बनाया गया रास्ता है।जिसमें कोई भी सरकारी कार्य नहीं कराया जा सकता।इसके बाबजूद भी ग्राम पंचायत अधिकारी और राजस्व टीम को अधिक से अधिक रास्ता दुरस्त कराने के निर्देश दिए गए है।


