प्रोजेक्ट संकल्प से प्राप्त प्रशिक्षण के बाद पिथौरा छात्रावास के वातावरण में आया सकारात्मक परिवर्तन

महासमुंद 10 मार्च 2026/ पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास पिथौरा में जीवन के रंग खुशियों के संग प्रोजेक्ट के तहत एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल देखने को मिल रही है। प्रोजेक्ट संकल्प से प्राप्त प्रशिक्षण के बाद छात्रावास के वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन आया है। अब छात्रावास के छात्र एक-दूसरे को गुड मॉर्निंग और गुड नाइट की जगह हैप्पी मॉर्निंग, हैप्पी इवनिंग और हैप्पी नाइट कहकर संबोधित करते हैं, जिससे वातावरण में सकारात्मकता और उत्साह का संचार हो रहा है। इस पहल का असर यह भी हुआ है कि छात्रावास के चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को अब कर्मचारी नहीं बल्कि सहयोगी के रूप में सम्मान दिया जाने लगा है। इससे उनमें भी आत्मसम्मान और उत्साह बढ़ा है तथा वे बच्चों के साथ और अधिक जुड़ाव महसूस कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट के अंतर्गत बच्चों को कई प्रेरणादायक कहानियां सुनाई गईं, जो प्रशिक्षण के दौरान बताई गई थीं। इन कहानियों से प्रेरित होकर छात्रों ने उन्हें अपने गांव और घर जाकर परिवार एवं अन्य बच्चों को भी सुनाया। इसके साथ ही बच्चों को सफलता के 10 मंत्र बताए गए और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों ने इन सफलता मंत्रों को समझते हुए स्वयं उनके पोस्टर भी तैयार किए, जिससे वे रोज़ उन्हें देखकर प्रेरणा ले सकें।
छात्रावास में बच्चों और सहयोगी कर्मचारियों ने मिलकर किचन गार्डन भी तैयार किया है। इससे बच्चों में सामूहिक कार्य की भावना और प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ा है। साथ ही समय-समय पर बच्चों से उनकी समस्याओं और जरूरतों के बारे में चर्चा की जाती है, जिससे उनकी बातों को समझने और समाधान करने में आसानी होती है।



