मीडिया वेलबींइग एसोसिएशन का पंचकूला में आयोजित हुआ विशाल पत्रकार सम्मेलन

निःशुल्क कैशलेस हेल्थ, एक्सीडेंटल एवं टर्म इंश्योरेंस पॉलिसियां भी संस्था ने की वितरित।
मुख्यतिथि विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण बोले: “मेरे संघर्ष में मीडिया का बराबर का योगदान”।
हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों के पत्रकारों ने भी की शिरकत।

पंचकूला,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 29 मई : मीडिया वेलबींग एसोसिएशन के तत्वावधान में पंचकूला स्थित रेड बिशप में आयोजित विशाल पत्रकार सम्मेलन एवं संगोष्ठी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), पत्रकारिता के बदलते स्वरूप तथा पत्रकार कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने अपने संबोधन में एआई के बढ़ते प्रभाव और उसके जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि एआई केवल एक तकनीकी उपकरण है। इसका सदुपयोग और दुरुपयोग व्यक्ति के हाथ में है। इसलिए समाज, शिक्षा, पत्रकारिता और जनकल्याण के लिए इसका सकारात्मक उपयोग किया जाना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता दैनिक ट्रिब्यून के संपादक नरेश कौशल ने की। गेस्ट ऑफ द ओनर दैनिक उत्तम हिन्दू के प्रधान संपादक इरविन खन्ना भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री हरियाणा के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी व् वरिष्ठ समाजसेवी अजयवीर सहगल जी ने भी कार्यक्रम में शोभा बढ़ाते हुए अपने विचार रखे। वक्ताओं ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, तकनीकी चुनौतियों और मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। सम्मेलन के दौरान पत्रकारों को निःशुल्क कैशलेस हेल्थ, एक्सीडेंटल एवं टर्म इंश्योरेंस पॉलिसियां भी वितरित की गईं। इस पहल को पत्रकारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
कार्यक्रम में एआई, डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता की चुनौतियों और मीडिया कर्मियों के कल्याण से जुड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन का समापन पत्रकारों के हितों की रक्षा, तकनीकी जागरूकता बढ़ाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। इस मौके पर संस्था द्वारा स्वास्थ्य कारणों से जूझ रहे कई पत्रकारों को आर्थिक मदद भी निजी कोश से की गई। साथ ही कई वरिष्ठ पत्रकारों को मंच पर मुख्य अतिथि के हाथों उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और समाज को अच्छी दिशा देने वाली पत्रकारिता को देखते हुए सम्मानित भी करवाया गया।
सम्मेलन के दौरान अतिथियों एवं विशिष्ट व्यक्तियों का पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मान किया गया। मीडिया वेलबींग एसोसिएशन की ओर से कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित किया गया वहीं पत्रकारिता जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन सिंह, राममूर्ति शर्मा, मदन आजाद, सोहन सैनी, विजय बजाज, अनिल गोयल को मुख्य अतिथि के हाथों मंच पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर संस्था के महासचिव सुरेंद्र मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश उप्पल, तरुण कपूर, पवन चोपड़ा, मेवा सिंह राणा, सुनील सरदाना, सुरेंद्र पाल वधावन, राजेंद्र वीनस,दीपक मिगलानी, तारा ठाकुर,जसबीर दुग्गल,सतनाम सिंह, विनोद लाहोट, समेत प्रदेश के कोने-कोने से सैकड़ो पत्रकारों ने शिरकत की।
अपने निजी कोष से संस्था ने कई पत्रकारों की आर्थिक मदद की
इस अवसर पर पत्रकार कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए संस्था ने अपने निजी संसाधनों से उन पत्रकारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की, जो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं अथवा अन्य आपदाओं के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। संस्था की इस पहल की उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों ने सराहना करते हुए इसे मीडिया जगत में सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कई वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित पत्रकारों को उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति चिन्ह एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया।
“मैं बोलता हूं तो इल्जाम है बगावत का” : कौशल।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दैनिक ट्रिब्यून के संपादक नरेश कौशल ने कहा कि मीडिया वेलबींग एसोसिएशन अपने नाम के अनुरूप वास्तविक अर्थों में पत्रकारों के कल्याण के कार्य कर रही है। उन्होंने संस्था के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कार्यों ने न केवल पत्रकारिता को सही मायने में सम्मान की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है बल्कि प्रदेशभर के पत्रकारों के हितों और कल्याण के लिए भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने इस मौके पर शायर बशीर भद्र को श्रद्धांजलि देते हुए उनका एक शेर भी बोला जो कहीं ना कहीं पत्रकारिता के साथ मेल खाता था। उन्होंने कहा “मैं बोलता हूं तो इल्जाम है बगावत का, मैं चुप रहूं तो बड़ी बेबसी होती है, हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पड़ेंगे वहीं रास्ता हो जाएगा”
संवेदनशीलता, अनुभव और सामाजिक सरोकारों के आधार पर समाज को दिशा दे सकता है पत्रकार : खन्ना।
कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ द ऑनर उत्तम हिंदू समूह के प्रधान संपादक इरविन खन्ना ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एआई निश्चित रूप से अनेक कार्यों को सरल और तेज़ बनाने वाला माध्यम है, लेकिन उसमें मानवीय संवेदनाएं, भावनाएं और इंसानियत का भाव नहीं होता। उन्होंने कहा कि एआई को जिस प्रकार की दिशा और जानकारी दी जाएगी, वह उसी दिशा में कार्य करेगा, जबकि एक पत्रकार अपनी संवेदनशीलता, अनुभव और सामाजिक सरोकारों के आधार पर समाज को दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह समाज की नब्ज़ को समझने और जनता की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम है। यदि पत्रकारिता से मानवता, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों को अलग कर दिया जाए तो उसका मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एक सच्चा पत्रकार वही है जो समाज के दर्द को महसूस करे और निष्पक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे।
उन्होंने जीवन में संघर्ष और चुनौतियों के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिना संघर्ष के जीवन की वास्तविकता को नहीं समझा जा सकता और बिना चुनौतियों के सफलता का आनंद भी अधूरा रहता है। संघर्ष ही व्यक्ति को उसकी वास्तविक क्षमता का परिचय कराता है तथा यह बताता है कि वह कठिन परिस्थितियों में कितना मजबूत होकर खड़ा रह सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि यही चुनौतियां व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारती हैं और उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने उपस्थित पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा कि तकनीक का स्वागत अवश्य किया जाना चाहिए, लेकिन पत्रकारिता के मूल मूल्य—सत्य, संवेदनशीलता, निष्पक्षता और मानवता—कभी नहीं छोड़ने चाहिए। यही मूल्य पत्रकारिता को समाज में विश्वसनीय और प्रभावशाली बनाते हैं।
अपने संबोधन के दौरान हरविंदर कल्याण ने पत्रकारों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए घोषणा की कि वे अपने विधायक निधि (डिस्क्रेशनरी कोटा) से पत्रकार कल्याण के कार्यों हेतु 11 लाख रुपये की राशि देंगे। उनकी इस घोषणा का उपस्थित पत्रकारों और अतिथियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम का समापन पत्रकार एकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, तकनीकी जागरूकता और मीडिया कर्मियों के कल्याण के संकल्प के साथ हुआ। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि मीडिया वेलबींग एसोसिएशन भविष्य में भी पत्रकारों के हितों की रक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए इसी प्रकार कार्य करती रहेगी।
कल्याण ने कहा:- धरनी मेरे आज के नहीं, बहुत पुराने दोस्त हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अनेक संगोष्ठियों में एआई को लेकर गंभीर चर्चाएं होती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई जहां युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखता है, वहीं इसके गलत उपयोग से नई चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में जागरूकता और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण हैं।
अपने संबोधन के दौरान हरविंदर कल्याण ने मीडिया वेलबींग एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी के साथ अपने लंबे संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “जिस समय चंद्रशेखर धरनी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा था, उसी दौर में मेरा राजनीतिक सफर भी शुरू हुआ था। वे मेरे सुख-दुख के साथी रहे हैं। आज मैं जिस पद पर हूं, उसमें केवल मेरा संघर्ष ही नहीं बल्कि आप सभी का सहयोग और संघर्ष भी शामिल है।”
मीडिया लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ, समाज को सही दिशा देने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : कल्याण।
कल्याण ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अनेक संगोष्ठियों में एआई को लेकर गंभीर चर्चाएं होती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई जहां युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखता है, वहीं इसके गलत उपयोग से नई चुनौतियां भी खड़ी हो सकती हैं। ऐसे में जागरूकता और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण हैं।
अपने संबोधन के दौरान हरविंदर कल्याण ने मीडिया वेलबींग एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी के साथ अपने लंबे संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “जिस समय चंद्रशेखर धरनी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा था, उसी दौर में मेरा राजनीतिक सफर भी शुरू हुआ था। वे मेरे सुख-दुख के साथी रहे हैं। आज मैं जिस पद पर हूं, उसमें केवल मेरा संघर्ष ही नहीं बल्कि आप सभी का सहयोग और संघर्ष भी शामिल है।”
उन्होंने मीडिया वेलबींग एसोसिएशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पत्रकारों के हित में सराहनीय कार्य कर रही है और पत्रकारों के कल्याण के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे अनुकरणीय हैं।
हरविंदर कल्याण ने कहा कि समय के साथ हर क्षेत्र में बदलाव हुए हैं। संघर्ष का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन चुनौतियां कभी समाप्त नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी स्तंभ अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। सभी को अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन सभी संवैधानिक सीमाओं में बंधे हुए हैं। सभी का अंतिम लक्ष्य समाज, देश और जनता की भलाई ही होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश आज विकास और आत्मविश्वास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि जब समाज संवैधानिक मूल्यों से दूर होता है, तभी संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था पर संकट उत्पन्न होते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि घटनाओं से अधिक महत्व जागरूकता का है। घटनाएं केवल समाज को आईना दिखाने का कार्य करती हैं, लेकिन स्थायी समाधान जागरूकता और सकारात्मक सोच से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सशक्त बनाना रही है, लेकिन इसके साथ-साथ नागरिकों को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।
पत्रकारों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “समाज को जागरूक करने का कार्य पत्रकारों से बेहतर कोई नहीं कर सकता। मीडिया लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ है और समाज को सही दिशा देने में उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने मीडिया वेलबींग एसोसिएशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पत्रकारों के हित में सराहनीय कार्य कर रही है और पत्रकारों के कल्याण के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, वे अनुकरणीय हैं।
हरविंदर कल्याण ने कहा कि समय के साथ हर क्षेत्र में बदलाव हुए हैं। संघर्ष का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन चुनौतियां कभी समाप्त नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के सभी स्तंभ अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। सभी को अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन सभी संवैधानिक सीमाओं में बंधे हुए हैं। सभी का अंतिम लक्ष्य समाज, देश और जनता की भलाई ही होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश आज विकास और आत्मविश्वास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार मजबूत हो रही है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि जब समाज संवैधानिक मूल्यों से दूर होता है, तभी संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था पर संकट उत्पन्न होते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि घटनाओं से अधिक महत्व जागरूकता का है। घटनाएं केवल समाज को आईना दिखाने का कार्य करती हैं, लेकिन स्थायी समाधान जागरूकता और सकारात्मक सोच से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा गरीब और जरूरतमंद वर्ग को सशक्त बनाना रही है, लेकिन इसके साथ-साथ नागरिकों को जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है।
पत्रकारों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “समाज को जागरूक करने का कार्य पत्रकारों से बेहतर कोई नहीं कर सकता। मीडिया लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ है और समाज को सही दिशा देने में उसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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