
प्रशासन की अनदेखी पर भडक़े ड्राइवर, अनशन संग करेंगे भिक्षाटन
राष्ट्रीय चालक आयोग, ड्राइवर सुरक्षा व कल्याण बोर्ड की स्थापना सबसे जरूरी
आजमगढ़। वाहन चालक कल्याण समिति संपूर्ण भारत’ के आह्वान पर रिक्शा स्टैंड पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के तीसरे दिन भी प्रशासन का कोई रुख न दिखने पर चालकों का गुस्सा फूट पड़ा। कलेक्ट्रेक्ट भवन से महज 200 मीटर की दूरी पर बैठे प्रदर्शनकारियों की सुध लेने जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा, तो चालकों ने आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दे दी। संगठन के पदाधिकारियों ने एलान किया है कि अब वे भूख हड़ताल के साथ-साथ सड़कों पर उतरकर भिक्षाटन करेंगे।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश चंद यादव ने प्रशासनिक रवैए पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, वाहन चालक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उन्हें लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। एक दिन पहले हुई बारिश में चालकों को भीगना पड़ा। जब नगर पालिका कार्यालय से रात्रि विश्राम के लिए रैन बसेरे की चाबी मांगी गई, तो साफ इनकार कर दिया गया। यह चालकों को प्रताड़ित करने की सोची-समझी साजिश है।
सुरेश यादव ने स्पष्ट किया कि ड्राइवरों के पास लंबा धरना चलाने के लिए बड़ा फंड नहीं होता। अब उनके पास भोजन के लिए राशन और सब्जी भी खत्म हो चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द सुध नहीं ली, तो चालक हाथ में कटोरा लेकर कलेक्ट्रेट से लेकर कचहरी तक भिक्षाटन करेंगे और बात नहीं बनी तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी।
धरने के दौरान संगठन ने कहा कि राष्ट्रीय चालक आयोग, ड्राइवर सुरक्षा बोर्ड और चालक कल्याण बोर्ड की तत्काल स्थापना सहित 10 सूत्रीय मांगों से बिल्कुल भी समझौता नहीं करेंगे जाए। चालकों ने साफ कहा कि एक ड्राइवर के पास उसकी मजदूरी के अलावा परिवार पालने के लिए कोई और पूंजी नहीं होती, इसलिए सरकार को उनके सामाजिक और आर्थिक संरक्षण के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए।


