
कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने किया राष्ट्रीय संगोष्ठी के पोस्टर का विमोचन
केयू के हिंदी विभाग द्वारा 25 अगस्त को आयोजित की जाएगी राष्ट्रीय संगोष्ठी।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 20 अगस्त : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा साहित्य अकादमी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आगामी 25 अगस्त, 2026 को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय संगोष्ठी लोक साहित्य एवं संस्कृति के विविध आयाम के पोस्टर का विमोचन गुरुवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने किया।
कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने संगोष्ठी के आयोजन के लिए हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया व उनकी पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोक साहित्य और लोक संस्कृति हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आधार है। इनके संरक्षण, संवर्धन और अकादमिक अध्ययन के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ा जा सकता है। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का आभार प्रकट करते हुए बताया कि हिंदी विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 25 अगस्त को प्रातः 9.45 बजे विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में किया जाएगा। कार्यक्रम में साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के अध्यक्ष माधव कौशिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भाषा एवं कला संकाय के पूर्व अधिष्ठाता प्रो. लाल चंद गुप्त मंगल बीज वक्तव्य देंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा करेंगे।
उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रो. पूर्ण चंद शर्मा, पूर्व अध्यक्ष हिंदी विभाग, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक; पद्मश्री डॉ. सत्य राम देशवाल, पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर, सी.आर.ए. कॉलेज, सोनीपत; डॉ. राजेंद्र रंजन चतुर्वेदी, पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर, एस.डी. कॉलेज, पानीपत; डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी, निदेशक, हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला तथा श्री रामफल चहल, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, नीलम विश्वविद्यालय, कैथल शामिल होंगे।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेन्द्र पाल, प्रो. सुकर्मवती, डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. हरिओम फुलिया, डॉ. जसबीर सिंह उपस्थित रहे।


